वाशिंगटन। अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले एक सर्वे ने दक्षिण एशियाई मूल के मतदाताओं की राजनीतिक पसंद को लेकर अहम संकेत दिए हैं। सर्वे के मुताबिक, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को वोट देने वाले इस समुदाय के लगभग चार में से एक मतदाता अब डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन करने की योजना बना रहा है। हालांकि, सर्वे में शामिल ट्रंप समर्थकों में बहुमत अब भी रिपब्लिकन उम्मीदवारों के साथ बना हुआ है।
Indian American Impact नामक संस्था के लिए किए गए इस सर्वे में 800 पंजीकृत दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाताओं को शामिल किया गया। इसके नतीजे बताते हैं कि आगामी चुनाव में आर्थिक दबाव और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे घरेलू मुद्दे मतदाताओं की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान रखते हैं।
महंगाई और स्वास्थ्य सेवाएं मतदाताओं की बड़ी चिंता
सर्वे में शामिल लोगों से चुनाव के दौरान उनके लिए सबसे अहम मुद्दों के बारे में पूछा गया। जवाबों में जीवन-यापन की बढ़ती लागत सबसे ऊपर रही। करीब 65 प्रतिशत प्रतिभागियों ने इसे प्रमुख मुद्दा बताया। इसके बाद 53 प्रतिशत ने स्वास्थ्य सेवाओं, 33 प्रतिशत ने नौकरियों और वेतन तथा 28 प्रतिशत ने शिक्षा को महत्वपूर्ण माना।
ये आंकड़े संकेत देते हैं कि मतदाताओं के चुनावी फैसलों में रोजमर्रा के खर्च और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, सर्वे के आंकड़े अपने आप यह साबित नहीं करते कि किसी एक मुद्दे के कारण मतदाता ने पार्टी बदलने का फैसला किया है।
ट्रंप और कमला हैरिस के पुराने समर्थकों की पसंद
सर्वे के मुताबिक, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को वोट देने वाले दक्षिण एशियाई अमेरिकी प्रतिभागियों में 67 प्रतिशत ने आगामी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने की बात कही। वहीं, 25 प्रतिशत ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देने की योजना जताई।
दूसरी ओर, 2024 में कमला हैरिस का समर्थन करने वाले प्रतिभागियों में 96 प्रतिशत ने आगामी चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की इच्छा व्यक्त की। ये आंकड़े मतदाताओं की बताई गई मंशा दर्शाते हैं, वास्तविक मतदान के नतीजे नहीं।
सर्वे में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा
इस सर्वे में शामिल 800 पंजीकृत मतदाताओं में 87 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी थे। शेष 13 प्रतिशत प्रतिभागियों में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई, नेपाली, भूटानी, मालदीवी, अफगानी, खमेर और बर्मी मूल के लोग शामिल थे। इसलिए सर्वे के नतीजों को दक्षिण एशियाई अमेरिकी समुदाय की राजनीतिक पसंद का एक संकेत माना जा सकता है, लेकिन इन्हें पूरे समुदाय की राय का पूर्ण प्रतिनिधित्व नहीं समझना चाहिए।
3 नवंबर को होंगे मध्यावधि चुनाव
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच आयोजित किए जा रहे हैं। इन चुनावों में मतदाता कांग्रेस के प्रतिनिधि सभा और सीनेट के लिए उम्मीदवारों का चुनाव करेंगे। चुनाव के नतीजे राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच सत्ता-संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।
सर्वे के निष्कर्षों से पता चलता है कि दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाताओं के एक हिस्से में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के प्रति समर्थन की संभावना है, जबकि ट्रंप को पहले समर्थन देने वाले कई मतदाता अब भी रिपब्लिकन के साथ हैं। आखिरकार यह रुझान मतदान में कितना दिखाई देता है, इसका पता चुनाव परिणाम आने के बाद ही चलेगा।