पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना के दौरान कई निर्वाचन क्षेत्रों में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय शुरुआती मतगणना में आगे रहे, जबकि सारण शिक्षक सीट पर भाजपा से निष्कासित निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज ने पहली वरीयता के मतों में बढ़त बनाई। तिरहुत शिक्षक सीट पर भी भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह आगे बताए गए। हालांकि, इन शुरुआती रुझानों को अंतिम नतीजा नहीं माना जाना चाहिए।
इस चुनाव में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतगणना के दौरान पहली वरीयता के मतों की गिनती के बाद जहां आवश्यक मतों का आंकड़ा नहीं मिलता, वहां आगे की वरीयताओं की गिनती भी करनी पड़ सकती है।
दरभंगा शिक्षक सीट पर सुरेश प्रसाद राय आगे
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय शुरुआती मतगणना में पहले स्थान पर रहे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें 2,058 मत मिले, जबकि कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा को 1,758 और रामदेव राय को 1,735 मत प्राप्त हुए। जदयू के डॉ. घनश्याम राय 654 मतों के साथ पीछे बताए गए।
मतगणना केंद्र पर कांग्रेस और जन सुराज के प्रत्याशियों के काउंटिंग एजेंटों के बीच विवाद और मारपीट की भी खबर आई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने घटना के बाद संबंधित एजेंटों को हिरासत में लिया। इस घटना के संबंध में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक बयान उपलब्ध होने पर उसे अलग से जोड़ा जाना चाहिए।
सारण में निर्दलीय राहुल राज की बढ़त
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा से निष्कासित निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज पहली वरीयता के मतों की गिनती में आगे रहे। उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों में उन्हें 2,723 मत मिले, जबकि आनंद पुष्कर को 2,440, अफाक अहमद को 1,999 और जयराम यादव को 1,708 मत प्राप्त हुए। <Cite refs={[“turn630997news13”]}/>
रिपोर्टों के मुताबिक, पहली वरीयता की गिनती में कोई भी उम्मीदवार जीत के लिए जरूरी मतों का आंकड़ा हासिल नहीं कर पाया था। इसलिए दूसरी वरीयता के मतों की गिनती अहम हो सकती है। अंतिम नतीजे की पुष्टि संबंधित निर्वाचन अधिकारी की घोषणा से ही होगी।
तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा प्रत्याशी आगे
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह शुरुआती गिनती में बढ़त बनाए हुए थे। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें पहली वरीयता के 1,793 मत मिले, जबकि सीपीआई के डॉ. संजय कुमार सिंह को 1,656 मत प्राप्त हुए। निर्दलीय भूषण झा और जन सुराज के श्याम नंदन राय भी मुकाबले में थे।
इस सीट पर बढ़त और जीत के बीच अंतर स्पष्ट रखना जरूरी है। जब तक निर्वाचन अधिकारी अंतिम परिणाम घोषित नहीं करते, किसी उम्मीदवार को विजेता बताना उचित नहीं होगा।
कोसी स्नातक सीट पर भाजपा और राजद के बीच मुकाबला
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पहली वरीयता की गिनती के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, भाजपा के डॉ. एन.के. यादव को 2,493 मत मिले, जबकि राजद के नितेश यादव को 1,769 मत प्राप्त हुए। जन सुराज के रजनीश रंजन को 1,534 और कांग्रेस के मनोज जायसवाल को 204 मत मिले। ये आंकड़े शुरुआती राउंड से संबंधित हैं और अंतिम परिणाम का विकल्प नहीं हैं।
पटना में मतगणना और अनंत सिंह की भूमिका पर नजर
पटना की स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने अनुज सिंह का समर्थन किया था। इस घटनाक्रम के बाद जदयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से निष्कासित करने की कार्रवाई की थी।
पटना की शिक्षक और स्नातक सीटों पर मतगणना की प्रक्रिया में मतपत्रों की छंटाई और बंडल बनाने के कारण रुझान आने में देरी की खबरें भी सामने आईं।
आठ सीटों के अंतिम नतीजों का इंतजार
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों पर परिणाम पहली वरीयता के मतों से तय न होने पर आगे की वरीयताओं की गिनती के बाद स्पष्ट हो सकते हैं। इसलिए शुरुआती बढ़त को जीत मानना सही नहीं होगा। अंतिम विजेताओं और मतों के अंतर की पुष्टि संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की घोषणा के बाद ही की जानी चाहिए।