भोपाल | The Followup डेस्क
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक रिक्त सीट के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी की प्रदेश कोर समिति की बैठक में संभावित नामों पर चर्चा हुई और केंद्रीय नेतृत्व को उम्मीदवारों का पैनल भेजने पर सहमति बनी। राजनीतिक हलकों में मध्य प्रदेश से बाहर के नेताओं के नामों की भी चर्चा है, हालांकि पार्टी ने अभी किसी उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के राज्यसभा से इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उपचुनाव के लिए मतदान 12 नवंबर 2026 को निर्धारित है। उम्मीदवार का चयन भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को करना है।
भाजपा की बैठक में 4 से 5 नामों का पैनल बनाने पर सहमति
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास पर हुई प्रदेश भाजपा की कोर समिति की बैठक में राज्यसभा उपचुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों पर विचार किया गया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि बैठक में चार से पांच नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजने का निर्णय लिया गया। इस सूची में मध्य प्रदेश और दूसरे राज्यों के नेताओं पर विचार किया जा सकता है।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताया गया है। वह तमिलनाडु भाजपा की पूर्व विधायक और पार्टी के महिला मोर्चे की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं। हालांकि, उनके नाम पर अंतिम निर्णय होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
एल. मुरुगन ने अक्टूबर 2026 में राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। वह तमिलनाडु से आते हैं और अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।
उनके इस्तीफे के बाद निर्वाचन आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा की। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान 12 नवंबर को होगा और मतगणना भी उसी दिन निर्धारित है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर है।
229 विधायकों के मतों पर रहेगी नजर
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। इस उपचुनाव में विधायकों के मतों के आधार पर राज्यसभा सदस्य चुना जाएगा। हालांकि, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान में हिस्सा लेने पर रोक सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से जुड़ी है। इस वजह से चुनावी गणित में उनकी भूमिका अलग रहेगी।
बीना से विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति पर भी नजर रहेगी। वह स्वयं को कांग्रेस विधायक बताती रही हैं, जबकि भाजपा के कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी भी सामने आई है। उनके खिलाफ दलबदल से संबंधित मामला लंबित है। मतदान के समय उनकी स्थिति और प्रभावी संख्या को लेकर अंतिम आकलन संबंधित कानूनी स्थिति और घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
उम्मीदवार की घोषणा पर टिकी निगाहें
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की 11 सीटें हैं। इस उपचुनाव में भाजपा किसे उम्मीदवार बनाती है, यह फैसला राज्य की राजनीति के साथ-साथ पार्टी की व्यापक रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
फिलहाल, बाहरी राज्य के नेता को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा मीडिया रिपोर्टों और पार्टी सूत्रों पर आधारित है। जब तक भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व नाम घोषित नहीं करता, किसी भी दावेदार को आधिकारिक उम्मीदवार मानना उचित नहीं होगा।
स्रोत एवं संपादकीय संदर्भ: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार सामग्री और प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के आधार पर स्वतंत्र रूप से तैयार की गई है। उम्मीदवारों के नामों से जुड़ी चर्चाओं को आधिकारिक घोषणा से अलग रखा गया है।