झारखंड/वेदर | The Followup
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम बिगड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने राज्य के लिए गरज-चमक, वज्रपात, तेज हवाओं और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। 27 से 30 अक्टूबर के बीच अलग-अलग दिनों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ चक्रवाती तूफान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 26 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में सक्रिय था और इसके आंध्र प्रदेश तथा यानम के तट की ओर बढ़ने का अनुमान जताया गया था। विभाग ने तटीय इलाकों के लिए तेज हवाओं और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की थी।
चक्रवात का प्रभाव केवल तटीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह सकता। इसके असर से झारखंड समेत पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
झारखंड में कई दिनों तक मौसम की चेतावनी
IMD के 27 अक्टूबर को जारी झारखंड संबंधी पूर्वानुमान में 27 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने, 28 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ आंधी-वज्रपात तथा 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दर्ज है। 30 अक्टूबर के लिए भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
रांची, बोकारो, हजारीबाग, धनबाद, जामताड़ा, दुमका और कोल्हान क्षेत्र समेत अलग-अलग जिलों में मौसम का असर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है। जिलेवार चेतावनी और समय में बदलाव संभव है, इसलिए लोगों को IMD के नवीनतम अपडेट देखते रहना चाहिए।
बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए तैयारी
खराब मौसम के दौरान तेज हवाओं और बारिश से बिजली के खंभों, तारों तथा ट्रांसफॉर्मर को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। उपलब्ध समाचार जानकारी के मुताबिक, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के रांची अंचल में एहतियाती तैयारियां की गई हैं।
रिपोर्ट में अधीक्षण अभियंता डीएन साहू के हवाले से बताया गया है कि आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मरम्मत के लिए अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर और बिजली के खंभे उपलब्ध रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर चलित ट्रांसफॉर्मर का इस्तेमाल करने की भी तैयारी है। कुछ बिजलीकर्मियों की छुट्टियां रद्द किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इन व्यवस्थाओं की वर्तमान स्थिति की पुष्टि संबंधित विभाग से की जानी चाहिए।
आंधी, वज्रपात और बारिश के दौरान बरतें सावधानी
मौसम खराब होने पर लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहना चाहिए। गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्के भवन में रहना बेहतर है। जलभराव वाली सड़कों और तेज बहाव वाले पानी से गुजरने से बचें।
बिजली के टूटे तारों या क्षतिग्रस्त उपकरणों को न छुएं और ऐसी स्थिति दिखने पर संबंधित विभाग को सूचना दें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
नोट: मौसम संबंधी पूर्वानुमान बदल सकते हैं। अपने जिले की ताजा चेतावनी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।