प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी से जुड़े डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता रांची से पटना की यात्रा के दौरान लापता हो गए। वह जनशताब्दी एक्सप्रेस में अपने साथियों के साथ सवार हुए थे। उनके लापता होने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस उनकी तलाश में जुटे हैं। मामले में मुरी जंक्शन के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
पैंट्री कार जाने की बात कहकर निकले थे देवपालिक
समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, देवपालिक गुप्ता उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के निवासी हैं और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। वह जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन से जुड़े थे।
उनके मित्र और सहकर्मी गौतम कुमार के मुताबिक, देवपालिक और उनके साथी रांची रेलवे स्टेशन से जनशताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। ट्रेन दोपहर करीब 2:25 बजे रवाना हुई। यात्रा के दौरान देवपालिक ने पैंट्री कार से कुछ खाने के लिए जाने की बात कही, लेकिन वह वापस नहीं लौटे।
साथियों ने पहले संबंधित पैंट्री कार और फिर ट्रेन के अन्य डिब्बों में उनकी तलाश की। जब उनका पता नहीं चला, तो मामले की सूचना रेलवे पुलिस को दी गई।
मुरी जंक्शन के CCTV फुटेज की जांच
PTI की रिपोर्ट में मुरी जंक्शन पर तैनात RPF निरीक्षक संजीव सिंह के हवाले से बताया गया है कि स्टेशन के CCTV फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, देवपालिक के मुरी स्टेशन पर ट्रेन से उतरने की पुष्टि नहीं हुई थी। उनका मोबाइल फोन भी बंद बताया गया।
रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम उनकी तलाश कर रही है। फिलहाल उनके लापता होने की वजह स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है।
शिकायत दर्ज कराने में देरी का आरोप
देवपालिक के सहकर्मियों ने शिकायत दर्ज कराने और शुरुआती कार्रवाई को लेकर असंतोष जताया है। उपलब्ध समाचार सामग्री में आरोप लगाया गया है कि घटना के कई घंटे बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। इस आरोप और शिकायत दर्ज होने के सटीक समय की संबंधित पुलिस या रेलवे पुलिस से पुष्टि की जानी चाहिए।
तलाश जारी, आधिकारिक अपडेट का इंतजार
देवपालिक गुप्ता के बारे में अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी तलाश के लिए रेलवे और स्थानीय पुलिस की टीमें काम कर रही हैं। उनके लापता होने की परिस्थितियों का पता CCTV फुटेज, संबंधित लोगों के बयान और अन्य जांच से चल सकता है।
इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच के नतीजों का इंतजार करना जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को देवपालिक गुप्ता के बारे में कोई विश्वसनीय जानकारी मिलती है, तो उसे संबंधित पुलिस या रेलवे सुरक्षा बल तक पहुंचाना चाहिए।