उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 27 अक्टूबर 2026 को सात जिलों में मतगणना शुरू हुई। पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हुए चुनाव में कुल 152 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के साथ सीसीटीवी निगरानी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।
मतदान 23 अक्टूबर को हुआ था। मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में कराई जा रही है। इस चुनाव के नतीजों पर राजनीतिक दलों की नजर है, क्योंकि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इसे प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
सात जिलों में मतगणना की व्यवस्था
विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए अलग-अलग मतगणना हॉल बनाए गए हैं। लखनऊ में रमाबाई रैली स्थल, वाराणसी में स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन और आगरा में नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति में गिनती की व्यवस्था की गई है।
मेरठ में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के गांधी हॉल भवन, झांसी में बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज, बरेली में संजय कम्युनिटी हॉल और गोरखपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य भवन में मतगणना हो रही है।
मतपत्रों की गिनती में क्या है प्रक्रिया?
इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतपत्रों की गणना वरीयता प्रणाली के अनुसार की जाती है। पहले प्रथम वरीयता के मतों की गिनती होती है। यदि किसी प्रत्याशी को जीत के लिए आवश्यक मत नहीं मिलते, तो लागू निर्वाचन नियमों के अनुसार आगे की वरीयताओं की गणना की जा सकती है।
इसी प्रक्रिया के कारण कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में परिणाम आने में अधिक समय लग सकता है। मतगणना के प्रत्येक चरण में मतों की संख्या और रिकॉर्ड का सही मिलान महत्वपूर्ण होता है।
आगरा और गोरखपुर से जुड़ी खबरों की पुष्टि जरूरी
मतगणना को लेकर उपलब्ध खबरों में आगरा में गिनती रुकने और गोरखपुर में मतों की संख्या में अंतर की बात का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दोनों घटनाओं के कारण, अवधि और निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि आवश्यक है।
जब तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारी या निर्वाचन आयोग की ओर से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध न हो, इन घटनाओं को प्रमाणित अनियमितता के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। मतगणना में किसी अंतर या तकनीकी बाधा की स्थिति में आधिकारिक रिकॉर्ड और दोबारा मिलान का परिणाम ही निर्णायक होगा।
चुनावी नतीजों पर राजनीतिक दलों की नजर
इन 11 सीटों पर भाजपा, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। चुनाव परिणाम विधान परिषद में दलों की स्थिति को प्रभावित करेंगे। हालांकि, इन नतीजों के आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव के परिणामों का सीधा अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
मतगणना पूरी होने और निर्वाचन अधिकारियों की ओर से परिणाम घोषित किए जाने के बाद ही प्रत्येक सीट पर विजेता की स्थिति स्पष्ट होगी।
स्रोत-संदर्भ: यह रिपोर्ट लाइव हिन्दुस्तान सहित प्रकाशित समाचार सामग्री में उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्वतंत्र रूप से तैयार की गई है। आगरा और गोरखपुर से संबंधित विशिष्ट दावों को आधिकारिक पुष्टि मिलने तक सावधानी के साथ प्रस्तुत किया गया है।