हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार, 4 नवंबर की सुबह दो ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। शहर के बाबा पथ स्थित सुभाष बारला गली में उदय साव और प्रदीप कुमार साहू के आवास पर पहुंची टीम ने करीब सात घंटे तक जांच की। तलाशी के बाद एजेंसी कुछ मोबाइल फोन और प्रिंटर या स्कैनर जैसी एक मशीन अपने साथ ले गई। हालांकि, इस कार्रवाई के पीछे का मामला और जांच का आधिकारिक उद्देश्य अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, NIA की टीम बुधवार तड़के करीब चार बजे संबंधित आवासों पर पहुंची थी। अधिकारियों ने घर के अलग-अलग हिस्सों और कमरों की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए थे।
तलाशी के बाद कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान ले गई टीम
प्रदीप कुमार साहू और उनके परिवार ने बताया कि NIA के अधिकारियों ने घर में मौजूद मोबाइल फोन और अन्य सामान के बारे में पूछताछ की। परिवार का दावा है कि तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। हालांकि, टीम कुछ मोबाइल फोन और प्रिंटर या स्कैनर जैसी एक मशीन अपने साथ ले गई।
परिवार के मुताबिक, उन्हें सामान ले जाने का आधार या इसकी वजह नहीं बताई गई। इस संबंध में NIA की ओर से अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
उदय साव और प्रदीप कुमार साहू के आवास पर हुई कार्रवाई
रिपोर्टों में दोनों व्यक्तियों के नाम उदय साव और प्रदीप कुमार साहू बताए गए हैं। दोनों के परिवारों का संबंध बिहार से बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर उनके ट्रांसपोर्टिंग कारोबार से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। पूर्व में उनके नाम कत्था कारोबार से जुड़े होने की बात भी कुछ रिपोर्टों में कही गई है।
हालांकि, इन कारोबारी गतिविधियों और NIA की मौजूदा जांच के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मनी लॉन्ड्रिंग या टेरर फंडिंग का कनेक्शन अभी स्पष्ट नहीं
शुरुआती खबरों में कार्रवाई को मनी लॉन्ड्रिंग या आतंकी फंडिंग से जुड़े किसी मामले से जोड़कर देखे जाने की बात कही गई थी। लेकिन जांच एजेंसी ने अब तक यह नहीं बताया है कि छापेमारी किस केस के तहत की गई और संबंधित लोगों के खिलाफ क्या संदेह है।
इसलिए फिलहाल इन संभावित कारणों को पुष्टि की हुई जानकारी नहीं माना जा सकता। जांच के उद्देश्य और जब्त किए गए सामान की भूमिका को लेकर स्थिति आधिकारिक बयान के बाद ही साफ होगी।
गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं
शुरुआती जानकारी में एक व्यक्ति को टीम के साथ ले जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाद में प्रकाशित रिपोर्ट में परिवार की ओर से सामान ले जाने और तलाशी की जानकारी दी गई, लेकिन किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए ले जाया गया था या नहीं।
NIA की ओर से कार्रवाई, जब्ती और संभावित पूछताछ पर आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार है। तब तक किसी व्यक्ति को आरोपी या गिरफ्तार बताना उचित नहीं होगा।