रांची – झारखंड में माओवादी नेटवर्क पर एक बार फिर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के बहुचर्चित चाईबासा हमले की जांच अपने हाथ में ले ली है। इस मामले में एक करोड़ के इनामी नक्सली नेता समेत 17 माओवादियों पर संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, एनआईए ने जिस मामले की जांच टेकओवर की है, वह चाईबासा के जरायकेला थाना क्षेत्र के तिरिलपोसी जंगल में मई 2024 में हुई मुठभेड़ से जुड़ा है। उस समय पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन का केंद्रीय दस्ता वहां मौजूद है और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है।
हमले की पृष्ठभूमि
28 मई से शुरू हुए संयुक्त ऑपरेशन में सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और झारखंड पुलिस की जगुआर यूनिट शामिल थी। 30 मई को जब टीम तिरिलपोसी और उसके सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंची, तो माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के बाद माओवादी भाग निकले। मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक, वायरलेस सेट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी।
NIA की चार्जशीट और केस
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 25 जून को इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई। अब एनआईए ने बीएनएस, आर्म्स एक्ट, यूएपीए और सीएलए 2013 की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर भारत सरकार के अवर सचिव के बयान पर दर्ज हुई, और जांच अधिकारी के रूप में एनआईए इंस्पेक्टर रामसुभाग सिंह को नियुक्त किया गया है।
इन लोगों पर दर्ज हुआ केस
एनआईए की प्राथमिकी में जिन 17 माओवादी नेताओं के नाम दर्ज हैं, उनमें प्रमुख हैं:
- मिसिर बेसरा (1 करोड़ का इनामी, पोलित ब्यूरो सदस्य)
- पतिराम मांझी उर्फ अनल (सेंट्रल कमेटी सदस्य)
- असीम मंडल, अजय महतो, अनमोल, अश्विन, मोछू
- चंदन लोहरा, अमित मुंडा, सागेन अंगारिया, पिंटू लोहरा
- जयकांत, राफा मुंडा, सलमी चांपिया उर्फ जिलानी
- मुन्नी सुरीन, सालुका कायम और गुरुचरण उर्फ चोगा
इन सभी पर संगठित रूप से हिंसक गतिविधियों में शामिल होने, सुरक्षाबलों पर हमले की साजिश रचने और प्रतिबंधित विस्फोटकों के इस्तेमाल का आरोप है।
क्या है NIA की अगली रणनीति?
NIA अब इस केस को राज्य में माओवादी नेटवर्क के उच्च स्तरीय स्ट्रक्चर तक पहुंचने के एक अवसर के रूप में देख रही है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी डिजिटल ट्रेसिंग, स्थानीय सहयोगियों की पहचान और लॉजिस्टिक सपोर्ट चैनल को खंगालने में जुटी है।