रांची – झारखंड के हजारों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो छात्र 11वीं की कक्षा में सफल हुए हैं, वे अब उसी अंगीभूत कॉलेज में 12वीं की पढ़ाई जारी रख सकेंगे। इस निर्णय से न केवल छात्रों को सुविधा मिलेगी, बल्कि ड्रॉपआउट दर में भी कमी आने की उम्मीद है।
राज्यपाल से मिली स्वीकृति
यह निर्णय राज्यपाल सह कुलाधिपति के स्तर पर अनुमोदित किया गया है। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से प्राप्त अनुरोध पर विचार करते हुए राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि 11वीं पास छात्रों की पढ़ाई की निरंतरता बनी रहनी चाहिए। इसके बाद उनके अपर मुख्य सचिव की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए।
कौन होंगे शिफ्ट?
जहां पास होने वाले छात्रों को राहत दी गई है, वहीं जो विद्यार्थी 11वीं में फेल हो गए हैं, उन्हें अब निकटतम प्लस टू स्कूल या अनुमोदित इंटर कॉलेज में शिफ्ट किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संस्थानों में केवल योग्य विद्यार्थी ही अगले शैक्षणिक चरण में प्रवेश लें।
नई शिक्षा नीति के तहत बड़ा बदलाव
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत अंगीभूत कॉलेजों में इंटरमीडिएट नामांकन को लेकर बदलाव किए गए हैं। वर्ष 2025-27 सत्र से इन कॉलेजों में 11वीं में नया नामांकन नहीं लिया जाएगा। हालांकि, जो छात्र 2024 तक पहले ही दाखिला ले चुके हैं, उन्हें 12वीं की पढ़ाई उसी संस्थान में पूरी करने की अनुमति दी गई है।
पांच किलोमीटर परिधि की बाध्यता
शिक्षा विभाग द्वारा पहले यह निर्देश जारी किया गया था कि छात्रों को उनके आवास से अधिकतम 5 किलोमीटर की परिधि में ही किसी प्लस टू या इंटर कॉलेज में नामांकन दिलाया जाए। लेकिन कई इलाकों में ऐसी सुविधा न होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होने का खतरा था। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने राजभवन से मार्गदर्शन मांगा था।
ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर
राज्य में 11वीं और 12वीं के बीच ड्रॉपआउट दर उच्च है। इसी को देखते हुए शिक्षा सचिव ने राज्यपाल से यह अनुरोध किया था कि वर्तमान सत्र (2024–26) के विद्यार्थियों को अपने ही कॉलेज में 12वीं तक पढ़ने दिया जाए। राज्यपाल द्वारा दिए गए निर्णय से अब इन छात्रों की पढ़ाई में कोई अवरोध नहीं आएगा।