रांची, जुलाई 2025 – झारखंड उच्च न्यायालय को अपना नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने बुधवार को राज्य के 17वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में संपन्न हुआ, जहां राज्यपाल की उपस्थिति में उन्हें पद की शपथ दिलाई गई। उल्लेखनीय है कि शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही जस्टिस चौहान ने न्यायिक कार्यवाही में भाग लेकर अपनी सक्रियता का परिचय दिया।
शपथ ग्रहण समारोह में रही प्रभावशाली उपस्थिति
राज्यपाल की ओर से आयोजित इस समारोह में झारखंड के मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री, उच्च न्यायालय के सभी वर्तमान एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, महाधिवक्ता, अधिवक्ता और हाईकोर्ट के कर्मचारी उपस्थित रहे।
जस्टिस तरलोक सिंह चौहान के साथ उनके परिजन और माता-पिता भी समारोह में मौजूद थे, जिससे यह आयोजन भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण बन गया।
शपथ के तुरंत बाद सुनवाई की शुरुआत
राज्य के सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन होते ही जस्टिस चौहान ने न्यायिक कार्य में तेजी दिखाई। शपथ लेने के बाद वे सीधे हाईकोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके पश्चात पूर्णपीठ की ओर से उनका स्वागत हुआ।
शाम 2:15 बजे उन्होंने जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद के साथ खंडपीठ में मामलों की सुनवाई की शुरुआत की। इससे स्पष्ट होता है कि वे प्रशासनिक के साथ-साथ न्यायिक सुधार की दिशा में भी तत्परता से कार्य करेंगे।
मुख्य न्यायाधीश के रूप में उम्मीदें और चुनौतियां
जस्टिस चौहान के नेतृत्व में झारखंड हाईकोर्ट से न्यायिक कार्य में तेजी, डिजिटलाइजेशन, और लंबित मामलों के निपटारे में गति की उम्मीद की जा रही है। उन्होंने इससे पहले कई राज्यों में अपनी न्यायिक सेवाएं दी हैं, जिनमें अनुशासन और निष्पक्षता उनकी पहचान रही है।