झारखंड सरकार राज्य में तेजी से बढ़ते कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण के लिए एक मजबूत कानून लाने जा रही है। आगामी मानसून सत्र में विधानसभा में “कोचिंग सेंटर कंट्रोल एंड रेगुलेशन बिल-2025” पेश किया जाएगा, जो राज्यभर के बड़े कोचिंग संस्थानों के संचालन को कानूनी दायरे में लाने का काम करेगा।
किन पर लागू होगा नया कानून?
नया प्रस्तावित कानून उन सभी कोचिंग संस्थानों पर लागू होगा, जहां 50 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे संस्थान अब एक व्यवस्थित व्यवसाय की तरह कार्य कर रहे हैं, इसलिए उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और संरचना के न्यूनतम मानकों का पालन करना होगा।
कोर्स अधूरा छोड़ने पर होगी कार्रवाई
अगर कोई कोचिंग संस्थान निर्धारित समय से पहले कोर्स खत्म करता है, अधूरी पढ़ाई करवाता है या बीच में संस्थान को बंद कर देता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में कोचिंग संस्थानों को बच्चों की फीस, स्टाफ की सैलरी और अन्य सभी आर्थिक जिम्मेदारियों का भुगतान करना अनिवार्य होगा।
बच्चों के लिए अनिवार्य सुविधा मानक
सभी कोचिंग संस्थानों को अब झारखंड भवन उपविधि-2016 के अंतर्गत लाया जाएगा। इसका मतलब है कि संस्थानों को छात्रों के लिए स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, वेंटिलेशन और इमरजेंसी एग्जिट जैसी सुविधाएं देना अनिवार्य होगा।
भ्रामक प्रचार पर लगेगी लगाम
कोचिंग संस्थानों द्वारा किसी ऐसे छात्र को सफल बताना जो उनके संस्थान का हिस्सा नहीं था, अब एक दंडनीय अपराध होगा। इसके लिए सभी कोचिंग संस्थानों, छात्रों और ट्यूटरों के लिए यूनिक आईडी कार्ड सिस्टम लागू किया जाएगा।
नए कार्ड सिस्टम की पूरी जानकारी
- CCR कार्ड (Coaching Center Registration) – सभी कोचिंग संस्थानों को यह ID कार्ड लेना होगा।
- CED कार्ड (Coaching Enrolled Student) – छात्रों को दिया जाएगा, जिससे सरकार ट्रैक कर सकेगी कि कौन कहां पढ़ रहा है।
- CTR कार्ड (Certified Tutor Registration) – ट्यूटर केवल एक संस्थान में ही पढ़ा सकेंगे। इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा।
- CMC कार्ड (Certified Mental Counsellor) – 1000+ छात्र संख्या वाले संस्थानों को मेंटल हेल्थ विशेषज्ञ रखने होंगे।
18 साल से कम छात्रों के लिए अभिभावक की अनुमति जरूरी
यदि कोई छात्र 18 वर्ष से कम आयु का है, तो नामांकन के समय उसके माता-पिता या अभिभावक की लिखित सहमति और शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य होगी।
फ्रैंचाइजी मॉडल पर भी नजर
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि नया कानून फ्रैंचाइजर और फ्रैंचाइजी, दोनों पर लागू होगा। किसी भी कोचिंग फ्रैंचाइज़ी द्वारा संस्थान बंद करने, धोखाधड़ी करने या छात्रों को आधी जानकारी देकर गुमराह करने की स्थिति में दोनों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष:
कोचिंग सेक्टर को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में झारखंड सरकार का यह कदम छात्रों और अभिभावकों के हित में है। इस कानून से जहां छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा, वहीं संस्थानों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी।