झारखंड सरकार ने प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि अब नए उद्योग लगाने के लिए तीन साल तक ट्रेड लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। यह फैसला उन उद्यमियों के लिए राहत भरा है जो राज्य में छोटे और मध्यम स्तर पर उद्योग स्थापित करना चाहते हैं लेकिन लाइसेंस प्रक्रिया की जटिलता के कारण पीछे हट जाते थे।

क्या है नया नियम?

इस फैसले के तहत राज्य में कोई भी उद्यमी बिना ट्रेड लाइसेंस के उद्योग शुरू कर सकता है। इसके लिए केवल उद्योग विभाग की सहमति लेना जरूरी होगा, और तीन साल तक उसे किसी अतिरिक्त लाइसेंस प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। इससे नए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

किसे मिलेगा फायदा?

1. नए उद्यमी – जो झारखंड में अपना उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, वे अब बिना किसी लाइसेंस अड़चन के तीन साल तक कारोबार कर सकते हैं।

2. MSME सेक्टर – विशेष रूप से सूक्ष्म और लघु उद्योगों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि ये उद्योग कम पूंजी में शुरू होते हैं और लाइसेंस संबंधी औपचारिकताएं अक्सर इनके विस्तार में बाधा बनती हैं।

3. रोजगार सृजन – उद्योगों की संख्या बढ़ने से नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे राज्य में बेरोजगारी दर में कमी आने की संभावना है।

4. निवेश बढ़ेगा – नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए यह नीति काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। झारखंड में पहले से मौजूद औद्योगिक हब को इस पहल से और मजबूती मिलेगी।

अन्य बड़े फैसले

इस कैबिनेट बैठक में उद्योगों के लिए लाइसेंस नियमों में ढील देने के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए:

1. महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी

• झारखंड सरकार ने पांचवे और छठे वेतनमान पर कार्यरत कर्मचारियों और छठे वेतनमान के तहत पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि की है।

• 6वें वेतनमान के तहत महंगाई भत्ता 239% से बढ़ाकर 246% कर दिया गया है।

• 5वें वेतनमान पर कार्यरत कर्मचारियों का DA भी 443% तक बढ़ाया गया है।

• यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2024 से प्रभावी होगी।

2. महिलाओं को कारखानों में रात्रि पाली में काम करने की अनुमति

• अब झारखंड में महिलाएं भी कारखानों में रात की शिफ्ट में काम कर सकेंगी।

• संशोधित नियमों के तहत, महिलाओं को उनकी सहमति के आधार पर शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करने की अनुमति होगी।

• यह फैसला महिला श्रमिकों के रोजगार अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।

क्या होगा असर?

झारखंड सरकार के इस फैसले से उद्योगों को काफी राहत मिलेगी। प्रदेश में कारोबार करने की प्रक्रिया सरल होगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इसके अलावा, महिला श्रमिकों के लिए रात की पाली में काम करने की अनुमति से रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

सरकार की यह पहल झारखंड को एक उद्यमी-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रदेश में निवेश का माहौल सुधरेगा, छोटे उद्योगों को मजबूती मिलेगी और राज्य की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में मदद मिलेगी।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version