गुरुग्राम/गोड्डा, 28 जून 2025 | The Mediawala Express
राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों—खाटू श्याम, सालासर बालाजी और अजमेर शरीफ—की यात्रा अब झारखंड के श्रद्धालुओं के लिए पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है। भारतीय रेलवे ने झारखंड के गोड्डा से राजस्थान के अजमेर (दौराई) के बीच एक नई ट्रेन सेवा की शुरुआत की है, जो सप्ताह में एक बार चलाई जाएगी। इस ट्रेन से न केवल धार्मिक यात्राओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि झारखंड और राजस्थान के लोगों के बीच संपर्क भी बेहतर होगा।
ट्रेन संख्या और संचालन
यह ट्रेन ट्रेन संख्या 19603/19604 के रूप में चलेगी:
- 19603 दौराई-गोड्डा एक्सप्रेस हर सोमवार को अजमेर (दौराई) से दोपहर 3:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम 5:20 बजे गोड्डा पहुंचेगी।
- 19604 गोड्डा-दौराई एक्सप्रेस हर बुधवार को सुबह 5:00 बजे गोड्डा से रवाना होगी और गुरुवार शाम 5:30 बजे दौराई पहुंचेगी।
ट्रेन में कुल 22 कोच
इस साप्ताहिक एक्सप्रेस में यात्रियों की सुविधा के लिए जनरल, स्लीपर और एसी क्लास के कुल 22 डिब्बे लगाए गए हैं। इससे धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले सभी वर्गों के यात्रियों को लाभ मिलेगा।
इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
ट्रेन कई बड़े शहरों और तीर्थ स्थलों से होते हुए चलेगी, जिनमें शामिल हैं:
गोड्डा, देवघर, जसीडीह, किऊल, गया, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज, इटावा, टुंडला, गाजियाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, रेवाड़ी, रींगस, अजमेर सहित कुल 40 से अधिक स्टेशन।
इनमें खाटू श्याम (रींगस), सालासर (नीमका थाना के पास) और अजमेर शरीफ जैसी प्रसिद्ध धार्मिक जगहों के निकटवर्ती स्टेशन भी शामिल हैं।
गुरुग्राम को मिलेगा बड़ा लाभ
गुरुग्राम, जो देश का प्रमुख कॉरपोरेट केंद्र है, वहां काम कर रहे झारखंड और राजस्थान के हजारों लोग इस ट्रेन से सीधे जुड़ सकेंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस नई सेवा से धार्मिक पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और श्रमिकों की आवाजाही को नया बल मिलेगा।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
रेल मंत्रालय का यह फैसला देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को सीधे जोड़ने के दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है। खासकर वे लोग जो खाटू श्याम और सालासर बालाजी जैसे धामों की यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें अब अलग-अलग ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं होगी।
निष्कर्ष
गोड्डा से अजमेर तक की सीधी ट्रेन सेवा एक बहुप्रतीक्षित सुविधा थी, जो अब साकार हो गई है। यह कदम न सिर्फ तीर्थयात्रियों को राहत देगा, बल्कि दो राज्यों के सामाजिक और आर्थिक संबंधों को भी और मजबूत करेगा।