— सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय की प्रेस विज्ञप्ति संख्या – 129/2025 पर आधारित विशेष रिपोर्ट
रांची, 30 जून 2025:
झारखंड में शराब दुकानों के संचालन को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अनुसार, खुदरा उत्पाद दुकानों को अब झारखंड राज्य बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) को हैंडओवर/टेकओवर किया जा रहा है। इसके तहत राज्यभर में संचालित दुकानों का भौतिक सत्यापन और बिक्री बनाम जमा राशि का मिलान 1 जुलाई से प्रारंभ होकर 5 जुलाई 2025 तक पूरा किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक किसी दुकान की हैंडओवर/टेकओवर प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक ही वह दुकान संचालित रह सकेगी। जैसे ही प्रक्रिया शुरू होती है, उस दुकान से शराब की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।
आदेश के प्रमुख बिंदु
- दिनांक 1 जुलाई 2025 से राज्य भर की खुदरा उत्पाद दुकानों का JSBCL को हस्तांतरण प्रारंभ किया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक दुकान का स्टॉक, रिकॉर्ड और बिक्री बनाम जमा राशि का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
- यह कार्य 5 जुलाई 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा।
- सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर से हैंडओवर/टेकओवर की स्पष्ट समय-सारणी (शिड्यूल) निर्धारित करें, जिससे प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
- किसी भी खुदरा दुकान की हैंडओवर/टेकओवर प्रक्रिया शुरू होते ही वहां शराब की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद रहेगी, और यह बंदी प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी।
- स्टॉक वेरिफिकेशन और हैंडओवर/टेकओवर की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही इन दुकानों से पुनः शराब बिक्री प्रारंभ करने के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
- जिन दुकानों पर अभी तक हैंडओवर/टेकओवर की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, वे पूर्व की भांति नियमों के तहत बिक्री जारी रख सकेंगी, बशर्ते सभी अनुवीक्षण और प्रावधानों का पालन किया जाए।
निष्कर्ष
झारखंड सरकार की यह पहल राज्य में उत्पाद विभाग की पारदर्शिता, जवाबदेही और नियंत्रण को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शराब बिक्री प्रणाली के डिजिटलीकरण और केंद्रीकृत नियंत्रण से न केवल राजस्व में पारदर्शिता आएगी, बल्कि अव्यवस्था और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 5 जुलाई तक यह प्रक्रिया कितनी कुशलता से पूरी होती है और इसके बाद शराब बिक्री को लेकर राज्य सरकार क्या नई व्यवस्था लागू करती है।