झारखंड की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। राज्य में सत्ताधारी गठबंधन को अस्थिर करने की साजिश के आरोपों पर पुलिस ने अब अपनी जांच को और तेज कर दिया है। विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त को लेकर शुरू हुई तफ्तीश अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है, जहां कई अहम सुराग जुटाने की कोशिश की जा रही है।
रिमांड पर लिए जाएंगे मुख्य आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों – अभिषेक कुमार दुबे, निवारण कुमार महतो और अमित सिंह – को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लेने के लिए अदालत में आवेदन दाखिल किया जा रहा है। जांच एजेंसी इनसे यह जानने की कोशिश करेगी कि किसके कहने पर विधायकों से संपर्क साधा गया, बातचीत कहां और किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे किस स्तर की साजिश थी।
दिल्ली के होटल और एयरपोर्ट से जुटाए जा रहे साक्ष्य
इस कथित साजिश की परतें खोलने के लिए रांची पुलिस की एक टीम दिल्ली पहुंची है। टीम ने उन होटलों में छानबीन शुरू की है जहां झारखंड के तीन विधायक और आरोपी ठहरे थे। पुलिस ने होटल प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज की मांग की है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि बैठकें किन लोगों के साथ हुईं और उसमें कौन-कौन शामिल था।
इसके साथ ही पुलिस दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी और एक प्रमुख विमानन कंपनी से उन यात्रियों की जानकारी मांग रही है जिनकी बुकिंग दो विशेष पीएनआर नंबरों से की गई थी। जांच का उद्देश्य यह जानना है कि इन टिकटों की बुकिंग किसने की थी और भुगतान किस स्रोत से हुआ।
महाराष्ट्र कनेक्शन: टिकट बुकिंग और मुलाकातें
गिरफ्तार आरोपी अमित सिंह ने पूछताछ में दावा किया है कि दिल्ली की फ्लाइट के टिकट महाराष्ट्र के एक राजनीतिक रणनीतिकार जयकुमार बेलखेड़े ने बुक किए थे। आरोप है कि दिल्ली पहुंचने के बाद झारखंड के विधायकों की मुलाकात महाराष्ट्र के कुछ राजनीतिक चेहरों से कराई गई। यहां तक कहा जा रहा है कि बाद में इन विधायकों को कुछ “बड़े नेताओं” से भी मिलवाया गया।
तफ्तीश की अगली कड़ी
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन मुलाकातों का उद्देश्य केवल राजनीतिक सौजन्य था या इसके पीछे सत्ता परिवर्तन की कोई गहरी चाल थी। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे एक बड़े राजनीतिक ऑपरेशन की ओर इशारा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की ओर से कुछ और नेताओं और मध्यस्थों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
निष्कर्ष:
झारखंड की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। सरकार गिराने की आशंका और विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों ने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस की जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन जिस तरह से दिल्ली तक इसकी पहुंच बन चुकी है, उससे साफ है कि यह मामला आने वाले समय में कई बड़े खुलासे कर सकता है।