रांची | जुलाई 2025
झारखंड सरकार ने राज्यभर में चतुर्थ श्रेणी (4th ग्रेड) के पदों पर चल रही सभी भर्तियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। यह फैसला पलामू जिले में भर्ती प्रक्रिया को लेकर हुए विवाद के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्पष्ट निर्देश पर कार्मिक विभाग ने नई नियमावली तैयार होने तक सभी जिलों में चतुर्थवर्गीय बहालियों पर रोक लगाने की अधिसूचना जारी की है।
क्यों लगी बहाली पर रोक?
11 जुलाई को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि वर्तमान में प्रयुक्त नियमावली एकीकृत बिहार के दौर की है, जो अब झारखंड की परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है।
पलामू में हुई भर्ती प्रक्रिया के विरोध और स्थानीय उम्मीदवारों के असंतोष को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
अब नई नियमावली होगी लागू
कार्मिक विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह अन्य राज्यों की नियुक्ति प्रक्रियाओं का अध्ययन कर एक ऐसी नियमावली तैयार करे, जो न केवल पारदर्शी हो, बल्कि झारखंड के भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे के अनुकूल भी हो।
संभावित बदलावों में निम्न बिंदु शामिल हो सकते हैं:
- केवल शैक्षणिक अंक आधारित चयन प्रक्रिया खत्म होगी
- लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण अनिवार्य किए जा सकते हैं
- आरक्षण एवं स्थानीय नीति के स्पष्ट अनुपालन पर ज़ोर
कब शुरू होगी नई बहाली?
सरकार की योजना है कि प्रस्तावित नियमावली को कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद ही नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका मतलब यह है कि आने वाले कुछ महीनों तक राज्य में चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया पूरी तरह से स्थगित रहेगी।
क्या है चतुर्थ श्रेणी के अंतर्गत?
चतुर्थ श्रेणी में सामान्यतः निम्न पद आते हैं:
- कार्यालय परिचारक
- चपरासी
- सफाई कर्मचारी
- माली
- चौकीदार
- रसोइया आदि
निष्कर्ष:
झारखंड में लंबे समय से चली आ रही भर्ती व्यवस्था में अब बदलाव की तैयारी है। सरकार का यह कदम जहां एक ओर पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, वहीं दूसरी ओर योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करेगा। हालांकि, इससे फिलहाल नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को कुछ समय और इंतजार करना होगा।