रांची/जमशेदपुर
पूर्वी रेलवे क्षेत्र के महत्वपूर्ण टाटानगर स्टेशन से होकर गुजरने वाली दो प्रमुख ट्रेनें — पुरी–ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस और दुर्ग–आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस — अगले 12-12 दिनों तक अप और डाउन दोनों दिशाओं में अपने निर्धारित मार्ग से नहीं गुजरेंगी। यह अस्थायी बदलाव गम्हरिया और सीनी स्टेशनों के बीच प्रस्तावित लाइन ब्लॉक की वजह से किया गया है।
रेलवे ने बताया कि मरम्मत और संरचनात्मक सुधार कार्य के चलते यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान इन ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है, जिससे लंबे समय पहले टिकट बुक कर चुके हजारों यात्रियों को यात्रा में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
कौन-कौन सी ट्रेनें प्रभावित होंगी?
साउथ बिहार एक्सप्रेस (दुर्ग–आरा):
- अप दिशा (आरा से): 20, 27 मई और 3, 10, 17, 24 जून को यह ट्रेन टाटानगर होकर नहीं चलेगी।
- डाउन दिशा (दुर्ग से): 24, 31 मई और 7, 14, 21, 28 जून को ट्रेन टाटानगर नहीं आएगी।
उत्कल एक्सप्रेस (पुरी–ऋषिकेश):
- अप दिशा (पुरी से): 20, 27 मई और 3, 10, 17, 24 जून को यह ट्रेन टाटानगर से होकर नहीं गुजरेगी।
- डाउन दिशा (ऋषिकेश से): 22 मई और 1, 8, 15, 22, 29 जून को यह ट्रेन टाटानगर से होकर नहीं आएगी।
इन ट्रेनों को अब वैकल्पिक मार्ग से कटक–संबलपुर–झारसुगुड़ा होते हुए चलाया जाएगा।
आज की स्थिति: हटिया, अहमदाबाद और बदामपहाड़ की ट्रेनें रद्द
शनिवार को टाटानगर से गुजरने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
- हावड़ा–हटिया क्रिया योगा एक्सप्रेस
- जनशताब्दी एक्सप्रेस
- हावड़ा–अहमदाबाद एक्सप्रेस
- शालीमार–बदामपहाड़ एक्सप्रेस
- कांताबाजी–हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के खड़गपुर, हावड़ा, शालीमार और संतरागाछी रेलखंड पर चलने वाली करीब 30 से अधिक लोकल ट्रेनें भी रद्द की गई हैं।
12 दिन रद्द रहेंगी इस्पात एक्सप्रेस ट्रेनें
लाइन ब्लॉक का असर इस्पात एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी पड़ा है।
- हावड़ा–टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस 21, 24, 28, 31 मई और 4, 7, 11, 14, 18, 21, 25, 28 जून को टाटानगर से आगे नहीं जाएगी।
- कांताबाजी–हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस भी इन्हीं तारीखों में राउरकेला के बाद रद्द रहेगी।
यात्रियों के लिए अलर्ट
रेलवे विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित स्टेशनों या IRCTC पोर्टल से अपने ट्रेन स्टेटस की जानकारी जरूर लें। वैकल्पिक मार्गों या अन्य ट्रेनों के विकल्पों की भी समीक्षा करें।
निष्कर्ष:
यह रद्दीकरण और मार्ग परिवर्तन यात्रियों को असुविधा जरूर पहुंचाएगा, लेकिन यह रेलवे की संरचना को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए एक आवश्यक कदम है। भविष्य में ऐसे कार्यों के पहले से प्रभावी सूचना तंत्र की मांग अब और तेज हो सकती है।