रांची जिले के चान्हो प्रखंड में संचालित मॉडल स्कूल चान्हो अचानक चर्चा में आ गया जब स्कूल प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से विद्यालय त्याग प्रमाण पत्र (टीसी) थमा दिया। यह फैसला तब सामने आया जब स्कूल के नए भवन को सपारोम स्थानांतरित कर दिया गया और छात्रों को 18 किलोमीटर दूर स्थित इस नए परिसर तक भेजने में दिक्कतें आने लगीं।
क्यों दी गई टीसी सभी छात्रों को?
जानकारी के अनुसार, मॉडल स्कूल चान्हो अब तक अपग्रेडेट स्कूल सोस के भवन में संचालित हो रहा था। लेकिन 2022 से ही इसे शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी। मई 2025 में यह स्कूल सपारोम के नए भवन में शिफ्ट हो गया। नया स्कूल भवन चान्हो से 17-18 किलोमीटर की दूरी पर है, जबकि ग्रामीण परिवेश के अधिकतर छात्र इस दूरी को तय करने में असमर्थ हैं।
इस असुविधा के चलते एक भी छात्र नए भवन में उपस्थित नहीं हुआ, जिससे स्कूल संचालन व्यावहारिक रूप से ठप हो गया। अभिभावकों ने लगातार प्रशासन से संपर्क कर छात्रों को सुविधा युक्त विकल्प देने की मांग की। अंततः जब कोई समाधान नहीं निकला, तो जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) विनय कुमार ने स्कूल प्राचार्य को आदेश जारी करते हुए सभी इच्छुक अभिभावकों को टीसी प्रदान करने का निर्देश दिया।
डीसी से भी हुई थी अभिभावकों की मुलाकात
अभिभावकों की ओर से समस्या को गंभीर मानते हुए एक प्रतिनिधिमंडल ने रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री से मुलाकात की। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने तत्काल प्रभाव से डीईओ को समाधान निकालने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद समाधान के बजाय टीसी थमा दी गई।
कक्षा 10वीं के छात्र सबसे अधिक प्रभावित
टीसी देने का यह फैसला खासकर कक्षा 10वीं में पढ़ रहे छात्रों के लिए गंभीर संकट बन गया है। अभिभावक गोविंद साहू ने बताया कि छात्रों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) हो चुका है, ऐसे में किसी अन्य स्कूल में नामांकन दिलाना मुश्किल होगा।
उनका कहना था कि प्रशासन पर ध्यान दिलाने के लिए टीसी की बात की गई थी, लेकिन अब छात्रों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया, जो कि न्यायसंगत नहीं है।
प्रशासन का पक्ष और आगे की योजना
प्रभारी प्राचार्य राम किशोर प्रसाद के अनुसार, विद्यालय भवन के स्थानांतरण में देरी का कारण संसाधनों और पहुंच की कमी रही है। अब जब स्कूल नए भवन में स्थानांतरित हो चुका है, तो स्थानीय क्षेत्र के छात्रों के नामांकन पर ध्यान दिया जाएगा।
प्रशासन ने संकेत दिया है कि मॉडल स्कूल और अपग्रेडेट स्कूल सोस के प्राचार्यों की बैठक जल्द होगी, जिसमें भविष्य के समाधान पर चर्चा की जाएगी।
निष्कर्ष:
रांची का यह मामला शिक्षा प्रणाली में योजनाओं के धरातल पर लागू होने में मौजूद खामियों को उजागर करता है। स्कूल भवन का स्थानांतरण बिना परिवहन और पहुंच के समाधान के किया गया, जिससे छात्रों को टीसी देकर बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा।
यह ज़रूरी है कि शिक्षा विभाग छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक स्कूल, ट्रांसपोर्ट सुविधा या ऑनलाइन शिक्षा जैसे समाधान तत्काल उपलब्ध कराए।
