जामताड़ा: गोविंदपुर-साहेबगंज हाईवे पर खनिजों की ढुलाई को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। जामताड़ा के नारायणपुर थाना क्षेत्र में पांडेयडीह के पास कोयला लदा एक ट्रक रोके जाने के बाद स्थानीय स्तर पर रात के समय होने वाले खनिज परिवहन की जांच की मांग तेज हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात में इस मार्ग से बड़ी संख्या में कोयला लदे वाहन गुजरते हैं, जिनके दस्तावेजों की नियमित जांच जरूरी है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बुधवार शाम करीब आठ बजे एक प्रशासनिक अधिकारी ने पांडेयडीह के पास ट्रक को रोका था। चालक मदन गोप ने बताया कि अधिकारी वाहन के कागजात और उसका ड्राइविंग लाइसेंस अपने साथ ले गए। इसके बाद ट्रक को एक पेट्रोल पंप के पास खड़ा कराया गया। हालांकि, इस कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक जब्ती सूची या विभागीय बयान उपलब्ध नहीं है।
रात में वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों के आरोप
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात करीब नौ बजे के बाद गोविंदपुर-साहेबगंज हाईवे पर कोयला और अन्य खनिज लदे वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। इस मार्ग पर नारायणपुर और मिहिजाम थाना क्षेत्रों से होकर वाहन गुजरते हैं।
कुछ स्थानीय लोगों ने परिवहन दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका भी जताई है। आरोप है कि दूसरे राज्यों या जिलों के चालान का इस्तेमाल कर खनिजों को उनके वास्तविक स्रोत और गंतव्य से अलग दिखाया जा सकता है। हालांकि, कथित फर्जी चालानों की कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट या दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
करीब 40 ट्रकों से ढुलाई का दावा, आंकड़ों की पुष्टि बाकी
स्थानीय सूत्रों के हवाले से करीब 40 ट्रकों के जरिए कोयले की ढुलाई किए जाने की चर्चा है। दावा किया जा रहा है कि इनमें लगभग 25 वाहन गिरिडीह के रास्ते बिहार की ओर और करीब 15 वाहन जामताड़ा-मिहिजाम मार्ग से पश्चिम बंगाल की तरफ जाते हैं।
हालांकि, इन वाहनों की संख्या, कोयले के स्रोत, परिवहन परमिट और वास्तविक गंतव्य की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन बिंदुओं पर खनन विभाग और परिवहन विभाग के रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी।
खनन टास्क फोर्स की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था
अवैध खनन और खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त निगरानी व्यवस्था अहम भूमिका निभाती है। अक्टूबर 2026 में जामताड़ा जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में उपायुक्त ने अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ नियमित कार्रवाई, वाहनों की निगरानी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
ऐसे में पांडेयडीह के पास पकड़े गए ट्रक और रात में वाहनों की आवाजाही से जुड़े आरोपों की जांच जरूरी है। प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित ट्रक के दस्तावेजों में क्या अनियमितता मिली, कोयला कहां से लाया गया था और उसे किस स्थान पर भेजा जा रहा था।
मामले की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परिवहन नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं और यदि हुआ है तो इसमें कौन लोग शामिल हैं।