हजारीबाग जिले के उरीमारी थाना क्षेत्र में हथियार बरामद करने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, कर्मा टिल्हा जंगल में हुई इस घटना के दौरान आरोपी अंशु दुबे ने छिपाया गया हथियार निकालकर पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने घटना की पुष्टि की है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, एसपी ने बताया कि आरोपी की पहचान 22 वर्षीय अंशु दुबे के रूप में हुई है। वह गढ़वा जिले का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, उसकी हालत खतरे से बाहर है।
फायरिंग के पुराने मामले में हिरासत में लिया गया था आरोपी
पुलिस के अनुसार, उरीमारी क्षेत्र में एक खनन कंपनी के गेट पर 27 अक्टूबर को गोलीबारी हुई थी। इस मामले की जांच के दौरान अंशु दुबे को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और वारदात में इस्तेमाल पिस्टल को कर्मा टिल्हा जंगल में छिपाने की जानकारी दी।
आरोपी ने हथियार के साथ जंगल में एक पर्चा छिपाकर रखने की बात भी बताई थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम उसे लेकर हथियार बरामद करने जंगल पहुंची थी।
पुलिस के मुताबिक, हथियार निकालकर की फायरिंग
पुलिस के बयान के अनुसार, बरामदगी की कार्रवाई के दौरान अंशु दुबे ने एक जवान को धक्का दिया और छिपाकर रखा गया हथियार निकाल लिया। इसके बाद उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी।
घायल होने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लिया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना में किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पिस्टल और अन्य सामान जब्त
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी के पास से पिस्टल, दो कारतूस, एक खाली खोखा और मोबाइल फोन जब्त किया है। वहीं, स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में जंगल से एक पर्चा बरामद होने की भी जानकारी दी गई है। पर्चे में क्या लिखा है और उसका संबंध किस घटना से है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
राहुल दुबे गिरोह से संबंध की जांच
पुलिस अंशु दुबे को राहुल दुबे गिरोह का सक्रिय सदस्य बता रही है। उरीमारी क्षेत्र में हुई पिछली गोलीबारी और गिरोह की गतिविधियों में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अब बरामद हथियार, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।