नई दिल्ली।
देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सोमवार रात आई इस खबर से संसद से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल तेज हो गई। इस्तीफे की आधिकारिक वजह भले ही “स्वास्थ्य कारण” बताई जा रही हो, लेकिन विपक्ष इसपर सवाल खड़े कर रहा है। खासकर झारखंड से राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने अपने बयान में कई गंभीर संकेत दिए हैं।
महुआ माझी ने कहा कि यदि धनखड़ वास्तव में अस्वस्थ थे, तो वे मॉनसून सत्र के बाद भी इस्तीफा दे सकते थे। उन्होंने कहा, “सत्र के पहले दिन संसद में उपस्थित होना और रात में इस्तीफा दे देना, यह सामान्य स्थिति नहीं दिखती। यह अचानक लिया गया फैसला कई सवाल खड़े करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि धनखड़ पहले भी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते कुछ समय के लिए अनुपस्थित रहे थे, लेकिन उस दौरान उन्होंने छुट्टी लेकर फिर से जिम्मेदारी संभाली थी। ऐसे में इस बार इस्तीफा देने का कारण केवल स्वास्थ्य को बताना संदिग्ध लगता है।
विपक्षी दलों के अन्य नेताओं ने भी इस निर्णय को लेकर अपनी शंका जाहिर की है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता मृत्युंजय तिवारी ने इसे महज एक बहाना करार दिया। उनका कहना है कि उपराष्ट्रपति और सरकार के बीच हाल के दिनों में कुछ मुद्दों को लेकर टकराव की खबरें थीं, और संभवतः वही इसका कारण बना।
हालांकि, सत्ता पक्ष की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। बीजेपी सांसद डॉ. भागवत किशनराव कराड ने इतना जरूर कहा कि उपराष्ट्रपति कुछ दिन पहले AIIMS में भर्ती थे और उनके इस्तीफे का कारण उनकी तबीयत ही रही।
इस पूरी स्थिति ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। विपक्ष मांग कर रहा है कि सरकार इस पर स्पष्टता दे और देश को सही कारण बताए।
