ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान की सड़कों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाते हुए बड़े-बड़े होर्डिंग और राजनीतिक चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। राजधानी के व्यस्त एंगहेलाब स्क्वायर में लगाए गए एक विशाल होर्डिंग पर अंग्रेजी में ‘We Will Kill Trump’ यानी ‘हम ट्रंप को मार डालेंगे’ लिखा दिखाई दिया। इसमें ट्रंप को सिर झुकाए जेल की सलाखों के पीछे दिखाया गया है।
यह प्रदर्शन 3 नवंबर 2026 को अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के दिन सामने आया। इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध तथा उसके आर्थिक प्रभाव को लेकर तनाव बना हुआ है। समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों पर ट्रंप के खिलाफ संदेशों वाले पोस्टर, पेंटिंग और प्रदर्शनियां लगाई गई हैं।
एंगहेलाब स्क्वायर के होर्डिंग में क्या दिखाया गया?
तेहरान के एंगहेलाब स्क्वायर पर लगे विशाल होर्डिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जेल की सलाखों के पीछे दिखाया गया है। तस्वीर में उनका सिर झुका हुआ है और उसके साथ अंग्रेजी में हत्या की धमकी देने वाला संदेश लिखा है।
इसी इलाके में एक अन्य पोस्टर में ट्रंप के साथ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भी दिखाया गया। इस चित्र में इन नेताओं के चेहरे खून से सने हुए और कपड़े अस्त-व्यस्त नजर आते हैं। पृष्ठभूमि में अमेरिका और इजरायल के झंडों को भी क्षतिग्रस्त रूप में दर्शाया गया है।
तेहरान में ट्रंप की पेंटिंग और जेल की प्रतिकृति भी प्रदर्शित
तेहरान के उत्तरी हिस्से में स्थित ताजरीश स्क्वायर पर भी ट्रंप को लेकर कई राजनीतिक चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। इनमें एक पेंटिंग में ट्रंप को जमीन पर खून से लथपथ दिखाया गया है, जबकि एक अन्य चित्र में उनके चेहरे को बम से ढका हुआ दर्शाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वहां जेल की एक वास्तविक आकार की प्रतिकृति भी रखी गई है। इसमें एक व्यक्ति ट्रंप का रूप धारण करके जेल की कोठरी में समय बिताता दिखाई देता है। पास में लगी स्क्रीन पर ईरान पर अमेरिकी हमलों से हुई क्षति के दृश्य दिखाए गए।
खामेनेई की मौत के बाद बदले की मांग तेज
ईरान में अमेरिका के खिलाफ इस तरह के संदेशों के पीछे मौजूदा युद्ध और उसके दौरान हुई घटनाओं की पृष्ठभूमि है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई थी। इसके बाद ईरान में बदले की मांग और अमेरिका विरोधी प्रदर्शनों में तेजी आई।
तेहरान के एंगहेलाब स्क्वायर पर भी लोग लाल झंडे और बदले की मांग वाले संदेश लेकर जुटे। कुछ बैनरों पर ‘There will be blood’ यानी ‘खून बहेगा’ जैसे संदेश लिखे थे। ईरानी पक्ष ने युद्ध के दौरान नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के आरोप भी अमेरिका पर लगाए हैं। इन आरोपों को ईरान के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
तनाव के बीच अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें
दिलचस्प बात यह है कि तेहरान में इस तरह के आक्रामक संदेश ऐसे समय प्रदर्शित किए गए हैं, जब दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने की कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं। क्षेत्र में युद्ध के दोबारा तेज होने की आशंका और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे माहौल में तेहरान की सड़कों पर लगाए गए ये होर्डिंग दोनों देशों के बीच गहरे राजनीतिक और कूटनीतिक मतभेदों को सामने लाते हैं।
ईरान में राजनीतिक संदेशों के लिए पहले भी इस्तेमाल होते रहे हैं होर्डिंग
ईरान में सार्वजनिक स्थानों पर बड़े होर्डिंग, भित्ति चित्र और राजनीतिक संदेश प्रदर्शित करने की परंपरा पुरानी है। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से इन माध्यमों का इस्तेमाल राजनीतिक विचारों को प्रचारित करने, सहयोगियों और सैन्य हस्तियों को सम्मान देने तथा अमेरिका और इजरायल जैसे विरोधियों के प्रति संदेश देने के लिए किया जाता रहा है।
हालांकि, ट्रंप को निशाना बनाते मौजूदा संदेशों की गंभीरता को देखते हुए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सार्वजनिक होर्डिंग पर लिखी धमकी और किसी वास्तविक हत्या की साजिश या आधिकारिक सैन्य आदेश में अंतर होता है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट इन प्रदर्शनों और उनके संदेशों की जानकारी देती है; यह अपने-आप किसी वास्तविक हमले की योजना की पुष्टि नहीं करती।