गुवाहाटी: असम की राजधानी गुवाहाटी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिए महेंद्र मोहन चौधरी अस्पताल (MMCH) की नई इमारत में गौहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) के सात विभाग स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल के अनुसार, भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और फिलहाल साफ-सफाई सहित कुछ काम बाकी हैं।
मंत्री ने सोमवार को अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर निर्माण की स्थिति और विभागों के संचालन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शेष कार्य समय पर पूरा करने और मरीजों की देखभाल प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए।
उपकरणों की शिफ्टिंग के बाद शुरू हो सकता है संचालन
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, भवन तैयार होने के बाद अस्पताल से जुड़े उपकरण वहां पहुंचाए जाएंगे। इसके बाद GMCH के सात विभागों को नई इमारत में स्थानांतरित करने की योजना है। हालांकि, विभागों की शिफ्टिंग और नियमित सेवाएं शुरू होने की निश्चित तारीख उपलब्ध जानकारी में नहीं बताई गई है।
इस स्थानांतरण का उद्देश्य अस्पताल के कामकाज को व्यवस्थित बनाए रखना और मरीजों को सेवाएं उपलब्ध कराते रहना है। इसके लिए निर्माण, उपकरणों की स्थापना और विभागीय तैयारियों का समय पर पूरा होना अहम होगा।
GMCH को 3,000 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में विकसित करने की योजना
असम सरकार ने GMCH के पुनर्विकास की योजना को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, प्रस्तावित परियोजना के तहत अस्पताल की क्षमता बढ़ाकर 3,000 बिस्तर करने की योजना है। पुनर्निर्माण कार्य में लगभग तीन साल लगने का अनुमान बताया गया है।
इस अवधि में MMCH, GMCH के विस्तार या सहायक परिसर के रूप में काम करेगा, ताकि मुख्य अस्पताल में निर्माण कार्य के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखी जा सकें। योजना के मुताबिक, आगे चलकर MMCH परिसर को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की भी बात कही गई है।
MMCH पहले भी GMCH की सेवाओं में कर चुका है सहयोग
MMCH और GMCH के बीच पहले भी स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को लेकर समन्वय रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2010 में मरीजों का दबाव कम करने और सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से दोनों संस्थानों को जोड़ा गया था। उस व्यवस्था में MMCH में विशेषज्ञ सेवाएं और विभिन्न विभाग संचालित किए गए थे।
हालिया निरीक्षण के दौरान चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. मनोज कुमार चौधरी, GMCH के प्राचार्य डॉ. बाबुल बेजबरुआ, अधीक्षक डॉ. देबाजीत चौधरी और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे।
नई इमारत में विभागों के स्थानांतरण और GMCH के पुनर्विकास से जुड़ी योजनाओं का असर मरीजों की सुविधा पर निर्भर करेगा। इसलिए भवन तैयार होने के साथ-साथ उपकरणों की स्थापना, विभागीय संचालन और उपचार सेवाओं की निरंतरता भी महत्वपूर्ण रहेगी।