न्यूजीलैंड: भारत-ए के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ पहले अनऑफिशियल टेस्ट में दोहरे शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए। उन्होंने 248 गेंदों पर 199 रन बनाए, लेकिन लेग साइड की ओर गई गेंद पर कैच आउट दिए जाने के बाद उनकी पारी समाप्त हो गई। फैसले से पडिक्कल असहमत नजर आए। हालांकि, उनकी बड़ी पारी ने पहली पारी में कमजोर प्रदर्शन के बाद भारत-ए को मुकाबले में वापसी का मौका दिया।
न्यूजीलैंड के लिंकन स्थित बर्ट सटक्लिफ ओवल में खेले जा रहे मुकाबले में भारत-ए पहली पारी में महज 113 रन पर सिमट गया था। इसके जवाब में न्यूजीलैंड-ए ने 317 रन बनाए और 204 रन की बढ़त हासिल की। ऐसे मुश्किल हालात में पडिक्कल ने साई सुदर्शन के साथ मिलकर पारी को संभाला।
199 रन पर खत्म हुई पडिक्कल की पारी
पडिक्कल ने अपनी 248 गेंदों की पारी में 24 चौके और तीन छक्के लगाए। वह अपने दूसरे प्रथम श्रेणी दोहरे शतक से एक रन दूर थे, तभी तेज गेंदबाज जैक गिब्सन की लेग साइड की गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट दे दिए गए।
मैच की कमेंट्री के अनुसार, गेंद उनके पैड के पास से गुजरते हुए विकेटकीपर मिचेल हे के दस्तानों में पहुंची। गेंद बल्ले से लगी थी या नहीं, इसे लेकर संदेह की स्थिति दिखी। अंपायर के फैसले के बाद पडिक्कल ने असहमति जताई और इशारे से बताया कि गेंद उनके बल्ले से दूर थी। उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इसे विवादित फैसला कहा जा सकता है, लेकिन अंपायर की गलती को निर्णायक रूप से साबित करने के लिए स्वतंत्र तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
साई सुदर्शन के साथ अहम साझेदारी
भारत-ए की दूसरी पारी में शुरुआती विकेट गिरने के बाद पडिक्कल और साई सुदर्शन ने पारी को स्थिरता दी। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 215 रन की साझेदारी हुई। सुदर्शन ने 92 रन बनाए और शतक से चूक गए।
दोनों बल्लेबाजों के योगदान से भारत-ए ने पहली पारी की बड़ी बढ़त का दबाव कम किया और मैच में अपनी स्थिति मजबूत की। पडिक्कल की पारी इसलिए भी अहम रही क्योंकि टीम पहली पारी में 113 रन पर ढेर हो गई थी।
पहली पारी में न्यूजीलैंड-ए को मिली थी बड़ी बढ़त
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत-ए की टीम 113 रन पर ऑलआउट हो गई थी। न्यूजीलैंड-ए ने जवाब में 317 रन बनाए। मेजबान टीम की ओर से राइस मारियू ने 76 और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 51 रन का योगदान दिया।
204 रन से पिछड़ने के बाद भारत-ए को दूसरी पारी में बड़ी साझेदारियों की जरूरत थी। पडिक्कल ने लगभग दोहरा शतक बनाकर टीम को वही मजबूती दी। उनके आउट होने के बावजूद उनकी पारी ने मुकाबले की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई।
पडिक्कल के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से चूक, टीम को राहत
199 रन पर आउट होना पडिक्कल के लिए निराशाजनक रहा, क्योंकि वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक और दोहरा शतक पूरा करने के बेहद करीब थे। हालांकि, इस पारी का महत्व सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। पहली पारी में पिछड़ने के बाद भारत-ए को मुकाबले में वापस लाने में उनका योगदान निर्णायक रहा।
यह मुकाबला भारत-ए और न्यूजीलैंड-ए के बीच तीन मैचों की अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज का पहला मैच है। पडिक्कल की बल्लेबाजी इस दौरे पर भारत-ए के लिए सबसे अहम प्रदर्शनों में से एक रही