छापा चल रहा था, और मोबाइल पर आ रही थी बालू ट्रकों की लिस्ट
ईडी की शुक्रवार को झारखंड के हजारीबाग, बड़कगांव और रांची समेत कई जगहों पर एक साथ छापेमारी हुई। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और विधायक अंबा प्रसाद के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस वक्त उनके घर पर छापा चल रहा था, उसी दौरान योगेंद्र साव के फोन पर रोज की तरह अवैध बालू लदे ट्रकों और ट्रैक्टरों के नंबर भेजे जा रहे थे।
ईडी अधिकारियों के मुताबिक,
“ये नंबर स्थानीय पदाधिकारियों की ओर से भेजे जा रहे थे और साव को रोजाना अपडेट मिलता था।”
मोबाइल डाटा ने खोल दी बालू माफिया की परतें
ईडी को योगेंद्र साव के मोबाइल में कई व्हाट्सएप और SMS मैसेज मिले हैं जिनमें सैकड़ों ट्रकों की जानकारी दर्ज थी। मैसेज भेजने वालों में कुछ स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी शामिल हैं।
ईडी की टीम ने मैसेज के आधार पर फील्ड वेरिफिकेशन किया और ट्रकों को मौके पर पकड़ा भी गया। पूछताछ में ड्राइवरों ने कबूल किया कि वे योगेंद्र साव के निर्देश पर खनन और ट्रांसपोर्ट कर रहे थे।
पंचम और मनोज के जरिए चलाया जा रहा था सिंडिकेट
इस छापेमारी में योगेंद्र साव के सहयोगी मनोज दांगी और पंचम कुमार के ठिकानों पर भी कार्रवाई हुई। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे साव के लिए काम करते थे और बालू का पूरा सिंडिकेट उनके निर्देश पर ही चलता था।
जमीन, शेल कंपनियां और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
ईडी ने 2023 में मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज किया था। मार्च 2024 में पहली छापेमारी में कई संपत्तियों और शेल कंपनियों का पता चला था।
अब की जांच में साव परिवार के नाम पर निबंधित कंपनियों और जमीन में निवेश की विस्तृत पड़ताल हो रही है। सीए बादल गोयल के ठिकाने से मिले दस्तावेज भी जांच के घेरे में हैं।
मोबाइल डाटा क्लोनिंग से मिल सकते हैं और सबूत
ED ने सभी संबंधितों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। उन्हें बारी-बारी से समन कर एजेंसी कार्यालय बुलाया जाएगा। डाटा क्लोनिंग के बाद कई नई कड़ियां सामने आ सकती हैं।
इससे यह भी पता चल सकेगा कि पुलिस-पॉलिटिक्स-ठेकेदार गठजोड़ कितना गहरा है।
