रांची: झारखंड में सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए बोकारो, रांची और पलामू समेत कई क्षेत्रों में सड़क और पुल से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। बोकारो में दामोदर नदी पर 337 मीटर लंबे हाईलेवल पुल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने के लिए निविदा जारी की गई है। वहीं, रांची में 7.90 किलोमीटर सड़क के नवीनीकरण और 4.07 किलोमीटर नई सड़क के निर्माण की योजना है।
पलामू के नौडीहा बाजार में 3.14 किलोमीटर लंबे बाइपास की तैयारी भी चल रही है। इन योजनाओं में से कई अभी निविदा, तकनीकी तैयारी और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं के चरण में हैं। इसलिए इनके निर्माण की शुरुआत और पूरा होने की तारीख संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
बोकारो में दामोदर नदी पर 337 मीटर लंबा पुल
बोकारो जिले में दांटू-कथारा सड़क के 16वें किलोमीटर पर दामोदर नदी के ऊपर हाईलेवल पुल बनाने की योजना है। प्रस्तावित पुल की लंबाई करीब 337 मीटर होगी। इसके साथ पहुंच पथ भी बनाया जाना है, जिससे दांटू और कथारा के बीच सड़क संपर्क बेहतर हो सके।
झारखंड सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर इस पुल की डीपीआर तैयार करने के लिए निविदा दर्ज है। चयनित परामर्शी को रिपोर्ट तैयार करने के लिए 60 दिन की अवधि निर्धारित की गई है। डीपीआर में पहुंच पथ, भूमि अधिग्रहण, जमीन के स्वामित्व, पुनर्वास और वन भूमि से जुड़े पहलुओं का आकलन किया जाएगा।
रांची में दो सड़क परियोजनाओं की तैयारी
राजधानी रांची में एलपीएन शाहदेव चौक से बूटी मोड़ तक 7.90 किलोमीटर सड़क की ऊपरी सतह का नवीनीकरण किया जाना है। इस काम पर लगभग 11.71 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निविदा में कार्य पूरा करने के लिए छह महीने की अवधि रखी गई है।
इसके अलावा, करमटोली-ओरमांझी मार्ग पर आशीर्वाद बैंक्वेट से बरियातू स्थित फायरिंग रेंज तक 4.07 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने की योजना है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 32.05 करोड़ रुपये है और काम पूरा करने के लिए 13 महीने की अवधि तय की गई है।
इन दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के संबंधित इलाकों में सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाना है। हालांकि, वास्तविक निर्माण की स्थिति की पुष्टि विभागीय कार्यादेश से की जानी चाहिए।
पलामू के नौडीहा बाजार में 3.14 किमी बाइपास
पलामू जिले के नौडीहा बाजार में करीब 3.14 किलोमीटर लंबा बाइपास बनाने की योजना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और वन भूमि के उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं की तैयारी की जानी है।
परियोजना के लिए परामर्शी सेवा लेने का प्रस्ताव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस परामर्श कार्य को पूरा करने के लिए 30 दिन की समयसीमा तय की गई है। बाइपास के निर्माण से पहले आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
सिंगारी जोड़िया और गिरिडीह की योजनाएं
बोकारो के सिंगारी जोड़िया क्षेत्र में दो एक्वाडक्ट से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भी डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया की जानकारी सामने आई है। संबंधित प्रस्ताव में जोरिया के विभिन्न हिस्सों में सुधार और पुलिया निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं की अंतिम रूपरेखा डीपीआर और विभागीय मंजूरी के बाद स्पष्ट होगी।
गिरिडीह में भी कुछ सड़कों के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण की योजनाएं प्रस्तावित हैं। उपलब्ध जानकारी में इन सड़कों की पूरी सूची, लागत और निर्माण की समयसीमा नहीं दी गई है।
सड़क संपर्क मजबूत करने पर जोर
इन परियोजनाओं का लक्ष्य राज्य के विभिन्न इलाकों में आवागमन को सुविधाजनक बनाना और सड़क नेटवर्क को मजबूत करना है। पुल, बाइपास और सड़क नवीनीकरण जैसे कार्य पूरे होने के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल, परियोजनाओं की प्रगति के लिए निविदा प्रक्रिया, डीपीआर, भूमि अधिग्रहण और अन्य आवश्यक मंजूरियां अहम होंगी। निर्माण की वास्तविक स्थिति और समयसीमा विभागीय अपडेट के आधार पर स्पष्ट होगी।