रांची – नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजधानी रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र में झारखंड पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (TSPC) के कुख्यात जोनल कमांडर दिवाकर गंझू को उसके एक सक्रिय सदस्य अक्षय गंझू के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस गिरफ्तारी को एक बड़ी उपलब्धि मानते हुए बताया कि ये दोनों किसी गंभीर आपराधिक वारदात की साजिश रच रहे थे।

जंगल में चल रही थी वारदात की साजिश

सूत्रों के अनुसार, रांची पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि टीएसपीसी का जोनल कमांडर दिवाकर गंझू अपने दस्ते के साथ बुढ़मू थाना क्षेत्र के चैनगढ़ा और गम्हरिया जंगल के बीच छिपा हुआ है और क्षेत्र में दहशत फैलाने और लेवी वसूली की योजना बना रहा है। सूचना पर बुढ़मू पुलिस, मांडर सर्किल और खलारी डीएसपी की अगुवाई में विशेष टीम गठित की गई और गुरुवार की रात को जंगल में छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दिवाकर गंझू और उसके साथी अक्षय गंझू को दबोच लिया, जबकि उसके चार अन्य सहयोगी भागने में सफल रहे। दोनों उग्रवादियों के पास से दो पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस, संगठन का प्रचार साहित्य, चार राउटर, तीन पावर बैंक, चार चार्जर और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

कौन है दिवाकर गंझू?

गिरफ्तार दिवाकर गंझू मूल रूप से हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र के देवगढ़ गांव का निवासी है। उसके खिलाफ रांची, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों के विभिन्न थानों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह करीब 15 साल पहले टीएसपीसी संगठन से जुड़ा था। शुरुआत में कमांडर जगू गंझू के कहने पर संगठन में शामिल हुआ था। बाद में जगू की मुठभेड़ में मौत और एरिया कमांडर दिनेश राम की गिरफ्तारी के बाद दिवाकर को एरिया कमांडर की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद वह लगातार लेवी वसूली, धमकी, आगजनी, और फायरिंग जैसी गतिविधियों में शामिल रहा।

कहां-कहां करता था दहशत फैलाने का काम?

दिवाकर का नेटवर्क बुढ़मू, उरीमारी, भुरकुंडा, पतरातू, बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्रों में फैला हुआ था। वह इन इलाकों में निर्माण कार्य में लगी कंपनियों, ईंट भट्ठा संचालकों, क्रशर मालिकों और जमीन कारोबारियों से जबरन वसूली करता था। लेवी नहीं देने पर वह दस्ता के साथ जाकर हिंसक कार्रवाई करता था, जिसमें तोड़फोड़, आगजनी और फायरिंग शामिल है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस अभियान में खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी, मांडर सर्किल इंस्पेक्टर शशिभूषण चौधरी, बुढ़मू थाना प्रभारी रितेश महतो, दारोगा संजीव कुमार, रवि रंजन कुमार, और अनुराग कुमार श्रीवास्तव समेत कई पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि क्षेत्र में नक्सलियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में यह एक ठोस कदम है।

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