रांची, 2 जून 2025 | विशेष रिपोर्ट

सोमवार को झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर एक बड़ा हवाई हादसा बाल-बाल टल गया। पटना से रांची के लिए उड़ान भर रहे इंडिगो एयरलाइंस के एक यात्री विमान की लैंडिंग से पहले एक गिद्ध से टक्कर हो गई, जिसके बाद पायलट को आपात स्थिति में विमान की लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में सवार 175 यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।

घटना का पूरा विवरण:

इंडिगो की नियमित यात्री उड़ान संख्या 6E-2432 ने सोमवार को दोपहर पटना एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। सबकुछ सामान्य था, लेकिन जैसे ही विमान रांची की हवाई सीमा में दाखिल हुआ, वहां अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न हो गई। जब विमान करीब 10-12 नॉटिकल माइल्स दूर और 3000-4000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, उसी वक्त एक बड़ा गिद्ध विमान से टकरा गया।

यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान की बनावट में कंपन हुआ और पायलट को संभावित खतरे का आभास हुआ। पायलट ने तत्काल घटना की जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को दी और विमान को कुछ देर तक हवा में मंडराते हुए स्थिर रखने का निर्णय लिया ताकि ज़रूरत पड़ने पर आपात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

पायलट की सूझबूझ और 40 मिनट तक आसमान में बना रहा संतुलन:

बर्ड हिट के बाद कई बार इंजन में खराबी या फेलियर जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। लेकिन इस मामले में पायलट ने बड़ी सावधानी और अनुभव का परिचय देते हुए विमान को करीब 40 मिनट तक सुरक्षित उड़ान में बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया और यात्रियों में किसी भी तरह की दहशत न फैले, इसका पूरा ध्यान रखा।

बाद में दोपहर 1:14 बजे, विमान को रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई।

एयरपोर्ट पर तुरंत सक्रिय हुआ आपात प्रबंधन:

जैसे ही पायलट ने बर्ड हिट और संभावित इमरजेंसी की जानकारी ATC को दी, वैसे ही एयरपोर्ट प्रशासन अलर्ट हो गया। रनवे पर फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमों को तैनात कर दिया गया था। यात्रियों को विमान से उतारने के बाद मेडिकल जांच भी कराई गई, जिसमें सभी 175 यात्री पूरी तरह सुरक्षित पाए गए।

एयरपोर्ट निदेशक ने क्या कहा?

रांची एयरपोर्ट के निदेशक आर.आर. मौर्य ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया:

“इंडिगो का विमान जब रांची की सीमा में प्रवेश कर रहा था, तभी एक बड़े पक्षी से टक्कर हो गई। गनीमत रही कि विमान के सभी सुरक्षा तंत्र सही काम कर रहे थे। पायलट की सतर्कता के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई।”

उन्होंने यह भी कहा कि विमान को कुछ तकनीकी नुकसान हुआ है, जिसकी डायग्नोस्टिक जांच जारी है। रिपोर्ट डीजीसीए (DGCA) को भेजी जाएगी।

यात्रियों का अनुभव:

कुछ यात्रियों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें पहले तो कोई विशेष झटका महसूस नहीं हुआ, लेकिन जब विमान लगातार चक्कर काट रहा था और लैंडिंग में देरी हो रही थी, तो चिंता बढ़ने लगी। हालांकि, विमान के क्रू मेंबर्स ने स्थिति को संभालते हुए यात्रियों को पूरी जानकारी दी और उन्हें शांत रहने के लिए प्रेरित किया।

विशेषज्ञों की राय:

विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • गिद्ध जैसे बड़े पक्षियों से टकराने पर इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है।
  • यदि यह टक्कर इंजन में होती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
  • बर्ड हिट की घटनाओं से निपटने के लिए एयरपोर्ट्स के आसपास के क्षेत्रों को बर्ड-फ्री जोन बनाना अनिवार्य है।

DGCA और एयरलाइन की अगली कार्रवाई:

  • DGCA (नागरिक विमानन महानिदेशालय) ने घटना का संज्ञान लिया है और एयरलाइंस से पूर्ण तकनीकी रिपोर्ट मांगी है।
  • इंडिगो ने यात्रियों को वैकल्पिक विमान के जरिए उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की है।
  • सभी यात्रियों को भोजन, मेडिकल सहायता और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

निष्कर्ष:

पटना से रांची आ रहे इस विमान में जो कुछ भी हुआ, वह पायलट की तत्परता, तकनीकी टीम की मुस्तैदी और एयरपोर्ट प्रशासन की सक्रियता का परिणाम था कि एक संभावित हवाई दुर्घटना टल गई। इस घटना ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है

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