रांची, जुलाई 2025 – झारखंड सरकार ने राज्य के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों के लिए एक राहतभरी घोषणा की है। सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी करते हुए इसे सात प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसका सबसे अधिक लाभ अतिकुशल श्रमिकों को मिलेगा, जिनकी मजदूरी में अधिकतम ₹52 तक की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से करीब 94 लाख श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मजदूरी दरों में संशोधन की मुख्य बातें
- यह संशोधित दरें 1 अप्रैल 2025 से पूरे राज्य में लागू हो गई हैं।
- मजदूरी की नई दरें अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अतिकुशल श्रमिकों के वर्गीकरण के आधार पर तय की गई हैं।
- मजदूरी संशोधन का आधार परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) है, जो जुलाई-दिसंबर 2024 के औसत अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित है।
- श्रम विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है और इसे तीन श्रेणियों—क, ख और ग—में बांटा गया है।
श्रेणियों का वर्गीकरण और प्रमुख नियोजन क्षेत्र
श्रेणी-क (Category A)
इसमें राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्र शामिल हैं, जैसे रांची, चास, धनबाद, जमशेदपुर, देवघर, हजारीबाग, मानगो, आदित्यपुर और जुगसलाई।
श्रेणी-क के अंतर्गत प्रमुख संस्थान:
- होटल, भोजनालय, रेस्तरां
- पेट्रोल पंप, सिनेमा, क्लब
- निजी स्कूल (गैर-शैक्षणिक स्टाफ), कोचिंग संस्थान
- प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी
- चावल/आटा/तेल मिल
- स्पंज आयरन, स्टील निर्माण
- कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर
- बांध, सड़क निर्माण, सिंचाई कार्य
- मोबाइल टावर प्रबंधन
- ऑडिटर, टैक्स कंसल्टेंसी, आर्किटेक्ट, लाइन/केबल बिछाने वाले श्रमिक आदि
श्रेणी-ख (Category B)
राज्य के अन्य नगर निकाय क्षेत्र, जो श्रेणी-क से बाहर हैं।
श्रेणी-ग (Category C)
ग्रामीण और गैर-नगर निकाय क्षेत्र।
मजदूरों को क्या होगा फायदा?
- अधिकतम ₹52 की वृद्धि अतिकुशल श्रमिकों के वेतन में।
- दैनिक और मासिक मजदूरी दोनों में बढ़ोतरी।
- लगभग 94 लाख असंगठित श्रमिकों को राहत।
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को महंगाई से लड़ने में मदद।
