माओवादी गतिविधियों के बीच बड़ी बरामदगी

झारखंड के बोकारो जिले में माओवाद प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों के तहत सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। गोमिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिरहोड़ेरा जंगल में शनिवार को संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।

किस-किस तरह का असलहा मिला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरामद सामानों में शामिल हैं:

  • एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR)
  • एक INSAS राइफल की मैगजीन
  • एक SLR मैगजीन
  • कुल 20 जिंदा कारतूस
  • दो बंडल कोडेक्स वायर
  • एक डेटोनेटर

यह सारी सामग्री एक गुप्त स्थान पर छिपा कर रखी गई थी, जिससे अंदेशा है कि माओवादी किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे।

कौन-कौन सी फोर्स थीं शामिल?

इस तलाशी अभियान को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जिला सशस्त्र पुलिस बल की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। ऑपरेशन की अगुवाई पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह की निगरानी में की गई।

मुठभेड़ के बाद शुरू हुई तलाशी

इस तलाशी अभियान की पृष्ठभूमि में बुधवार को हुई मुठभेड़ है, जिसमें सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण संघर्ष हुआ था। उस मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए थे, जबकि CRPF का एक जवान वीरगति को प्राप्त हुआ था। इसके बाद पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया।

सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र

बिरहोड़ेरा जंगल क्षेत्र लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का गढ़ रहा है। इस इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा समय-समय पर बड़े ऑपरेशन चलाए जाते रहे हैं। हथियारों की इस तरह की बरामदगी यह स्पष्ट करती है कि माओवादी अभी भी सक्रिय हैं और किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे।

निष्कर्ष

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों के तहत सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। बरामद असलहे और विस्फोटक न सिर्फ सुरक्षाबलों की सतर्कता का प्रमाण हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि राज्य में शांति स्थापना की राह अभी पूरी तरह आसान नहीं हुई है। आने वाले समय में ऐसे और ऑपरेशनों की आवश्यकता पड़ सकती है ताकि माओवादी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

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