रांची। झारखंड में सड़क विकास को लेकर एक बड़ा ऐलान करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य को करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली नई परियोजनाओं की सौगात दी है। गुरुवार को रांची और गढ़वा में आयोजित कार्यक्रमों में गडकरी ने जहां रांची आउटर रिंग रोड, रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर और इलेक्ट्रिक फ्लैशचार्ज बस जैसे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, वहीं कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया।
रांची आउटर रिंग रोड को मिली मंजूरी
नितिन गडकरी ने बताया कि रांची शहर के लिए बहुप्रतीक्षित आउटर रिंग रोड का डीपीआर स्वीकृत कर लिया गया है। यह परियोजना राजधानी की ट्रैफिक समस्या को कम करेगी और औद्योगिक तथा लॉजिस्टिक नेटवर्क को मजबूती देगी। इसके तहत रांची के चारों ओर हाईस्पीड सर्कुलर रोड तैयार की जाएगी।
रातू रोड एलिवेटेड रोड को मिलेगा सांस्कृतिक स्वरूप
रांची में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने एलिवेटेड कॉरिडोर के पिलरों पर पारंपरिक सोहराय पेंटिंग बनवाने का सुझाव दिया। उन्होंने मंच से कहा कि इस कार्य के लिए रांची के चित्रकला महाविद्यालय के छात्रों को शामिल किया जाए, ताकि स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।
झारखंड में बिछेगा आधुनिक सड़कों का नेटवर्क
गडकरी ने बताया कि झारखंड के लिए एक दर्जन से अधिक सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लागत एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है। रांची में ही 3,890 करोड़ रुपये की लागत से 171 किलोमीटर लंबाई वाली 9 नई सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया।
गढ़वा में 2,460 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की गई। गढ़वा से रामानुजगंज तक फोरलेन सड़क, पलामू-औरंगाबाद फोरलेन, देवघर बाइपास, कोडरमा-मेघातारी फोरलेन, पाकुड़ बाइपास, हंटरगंज बाइपास जैसी परियोजनाएं इस सूची में शामिल हैं।
रांची-पटना और ओडिशा कनेक्टिविटी होगी बेहतर
नई परियोजनाओं के जरिए झारखंड के अंदरूनी हिस्सों को पटना, कोलकाता और ओडिशा से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल हुई है। रांची-संभलपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर ओडिशा कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। वहीं रांची-खूंटी फोरलेन सड़क बनने से दोनों शहरों के बीच की दूरी महज आधे घंटे में तय की जा सकेगी।
इलेक्ट्रिक बस और गति शक्ति के तहत नए निर्माण
गडकरी ने बताया कि रांची और जमशेदपुर में इलेक्ट्रिक फ्लैशचार्ज बसों के ट्रायल का भी फैसला लिया गया है। साथ ही रांची-सिल्ली-मुरी सड़क को एनएच घोषित कर गति शक्ति योजना के तहत इसके निर्माण की संभावनाएं जांची जाएंगी।
गडकरी का दावा: दो साल में अमेरिका जैसा होगा रोड नेटवर्क
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 के बाद से देश में रोड सेक्टर में अभूतपूर्व काम हुआ है। आज भारत सबसे बड़ा नेशनल हाईवे नेटवर्क बन चुका है और सात विश्व रिकॉर्ड कायम किए जा चुके हैं। उनका लक्ष्य है कि भारत का रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर आने वाले दो वर्षों में अमेरिका की बराबरी करे।
झारखंड की सड़क योजनाओं में नहीं होगी धन की कमी
नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार झारखंड की सड़क योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं होने देगी। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह समय पर भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित करे ताकि निर्माण कार्यों में देरी न हो।
स्थानीय रोजगार और कृषि को मिलेगा फायदा
गडकरी ने बताया कि नई सड़कों से लॉजिस्टिक लागत घटेगी, स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंच मिलेगी और पर्यटन तथा धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा।
