रांची। झारखंड में शुक्रवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर राज्य की राजनीति और खनन कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। यह छापेमारी मुख्य रूप से पूर्व विधायक अंबा प्रसाद और उनके पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव से जुड़े परिसरों और उनके करीबियों के ठिकानों पर की जा रही है।
यह कार्रवाई रांची, हजारीबाग और बड़कागांव सहित राज्य के तीन प्रमुख जिलों में एक साथ चल रही है, जो कोयला और रेत खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा मानी जा रही है।
अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईडी की यह छापेमारी आरकेटीसी ट्रांसपोर्टिंग कंपनी से जुड़ी कथित अवैध गतिविधियों के सिलसिले में हो रही है। इस कंपनी के माध्यम से बड़े पैमाने पर कोयले की अवैध ढुलाई और अवैध खनन किए जाने की आशंका है। इसी सिलसिले में ईडी ने शुक्रवार की सुबह राज्य के अलग-अलग जिलों में आठ से अधिक परिसरों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की।
अंबा प्रसाद और योगेंद्र साव के करीबी निशाने पर
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी का केंद्र बिंदु न केवल पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री का व्यक्तिगत नेटवर्क है, बल्कि उनके निजी सहयोगी और कथित तौर पर कारोबारी साझेदारों पर भी एजेंसी की नजर है। बड़कागांव में अंबा प्रसाद के निजी सहायक संजीव साव, मनोज दांगी, पंचम कुमार, मंटू सोनी सहित अन्य सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है।
वहीं, रांची और रामगढ़ में भी उन परिसरों की तलाशी ली जा रही है, जिनसे अंबा प्रसाद और योगेंद्र साव का पूर्व में प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध रहा है।
पिछले वर्ष हुई थी पूछताछ
मामले से जुड़े एक पुराने घटनाक्रम की बात करें तो इस प्रकरण में ईडी पूर्व में अंबा प्रसाद की बेटी से भी पूछताछ कर चुकी है। माना जा रहा है कि उस पूछताछ में सामने आए दस्तावेजों और बयानों के आधार पर अब जांच को अधिक व्यापक रूप में अंजाम दिया जा रहा है।
ईडी की टीमें सक्रिय, कागजात और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे
ईडी की टीमें छापेमारी के दौरान संबंधित परिसरों से लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट डीटेल्स और डिजिटल डेटा जब्त कर रही हैं। अधिकारी विभिन्न वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इन परिसरों और व्यक्तियों के माध्यम से अवैध खनन से अर्जित धन को वैध रूप देने का प्रयास तो नहीं हुआ है।
छापेमारी जारी, एजेंसी की तरफ से अधिकारिक बयान का इंतजार
शुक्रवार दोपहर तक छापेमारी जारी थी। हालांकि अब तक ईडी की ओर से कोई अधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के अंतर्गत की जा रही है। एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के बाद दस्तावेजी जांच और संभावित पूछताछ का दौर भी आगे चल सकता है।
